अगर है कोई खुदा , तो
करता हुं शुक्रिया उसका कि ,
उसने तुम्हे मुझसे मिलाया !
दगा , धोका होता है क्या
ना चलता पता मुझे कभी
अगर तू ना मिलती !
बिछडनेका गम , दिलका टूटना
पता चला तुजसे मिलनेके बाद
रातोंका जागना , अकेले में रोना
तुनेही मुझको सिखाया !
सारी दुनिया तो सिमटी है सिर्फ धोकेमे
आईणे के तरहा दिलवालों कि
होती नही किमत कोई
दुनिया तो सिर्फ है
तुझ जैसे दगाबाजो कि
ना चलता पता मुझे कभी
अगर तू ना मिलती !