कोई शिकवा नही मुझे तुझसे
खता मुझसे हुयी हो तो माफ करना ,
बेवफाई वक्त ने कि हमने या उसने
या रब मेरे इसका तु ही इंसाफ करना !
कोई बंदिश नही कोई किसी से प्यार करे
देख के आहें भरे , जीवन निसार करे ,
इकतरफा ये जुल्म करे और न् इकरार करे
मरे इंतजार मे अगले जन्म का इंतजार करे !
मेरे नसीब मे लिखा तेरा प्यार नही
करिष्मा ऐ कुदरत यकिं नही मुझको ,
मेरी तऱ्हा कितने परवाने होंगे तेरी महफील मे
ताजुब्ब नही जो रह ना सका तेरे दिलमे !
मै जाणता हुं नफरत नही मुझसे
मेरे हालत मे साथ आने से डरती हो ,
फसला है मुझमे और तुममे क्योंकी
तुम रूतबे पे मरती हो
मै दिल पे मरता हुं !
वक्त ने अगर करम फरमाया
आप खुद से शर्मसार होंगी
मै तो रो चुका बहुत अबतक
सारी उम्र आप रोयेंगी
ये बददुआ नही दिलबर मेरे
ये तो जिंदगी का सच है
अगर रुतबा और शान ही जिंदगी होती
आज हालत अपनी ऐसी नही होती
“प्यार और वफा खरीद सकता कोई
न हिटलर बनता न अजातशत्रु हारता ,
चाहे कोई ये दुनिया ये शहर जलादे
पर इवा ब्राउन और आम्रपाली का
वजूद कोण मिटा सकता है !!
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