लोग कहते है मै अच्छा लिखता ह्ँ !
उनकी नजरों में मै बन गया कवी हुं !
जलाकर खुदको थोडा थोडा ,
दुसरोंके के लिये मै बन गया रवी हुं !
मै सुरज हुं जल रहा हुं
औरों के लिये !
दिन ढल रहा है
औरों के लिये !
श्याम आती है सबकी थकान हरणे के लिये
मै रात में भी जलता हुं
श्याम नही आती मेरे लिये !
शायद सूरज में बहुत गरमी है
या श्याम में काम हो गयी नमी है !
पर श्याम नही आयेगी तो निंद कैसे आयेगी
सुरज कि किरणे चांद को खुबसुरत कैसे बनायेगी !
मै सुरज हुं , मेरे पास मत आओ
दूर रहकर चांद बनकर गगन में छा जाओ !
दुनियाको अपनी शितलतासे , करुणासे , सरलतासे
थके हरे जीवनको , नयी जिंदगी दे जाओ !
मेरी किरणे तुम्हे ओंर चमकायेंगी
ओंर तुम शितीज पर नजर आओगे !
मै जल रहा हुं , मुझे शीतल जर जाओं ,
मै सुरज हुं , जलना मेरा काम है !
जलकर जीवन देना इसी में मेरा नाम है !
श्याम कि तरहा मेरा साथ निभाओं ,
मेरे गम मे , मेरे कर्म में हाथ बथाओं !
पर याद रखना मेरे पास मत आना ,
बहुत गरमी है मुझमे , सच भूल न जाना !
पास आकार तुम्हे , मेरे साथ जलना होगा ,
या तो बहुत शीतल या फिर मिटना होगा !
continue ............
उनकी नजरों में मै बन गया कवी हुं !
जलाकर खुदको थोडा थोडा ,
दुसरोंके के लिये मै बन गया रवी हुं !
मै सुरज हुं जल रहा हुं
औरों के लिये !
दिन ढल रहा है
औरों के लिये !
श्याम आती है सबकी थकान हरणे के लिये
मै रात में भी जलता हुं
श्याम नही आती मेरे लिये !
शायद सूरज में बहुत गरमी है
या श्याम में काम हो गयी नमी है !
पर श्याम नही आयेगी तो निंद कैसे आयेगी
सुरज कि किरणे चांद को खुबसुरत कैसे बनायेगी !
मै सुरज हुं , मेरे पास मत आओ
दूर रहकर चांद बनकर गगन में छा जाओ !
दुनियाको अपनी शितलतासे , करुणासे , सरलतासे
थके हरे जीवनको , नयी जिंदगी दे जाओ !
मेरी किरणे तुम्हे ओंर चमकायेंगी
ओंर तुम शितीज पर नजर आओगे !
मै जल रहा हुं , मुझे शीतल जर जाओं ,
मै सुरज हुं , जलना मेरा काम है !
जलकर जीवन देना इसी में मेरा नाम है !
श्याम कि तरहा मेरा साथ निभाओं ,
मेरे गम मे , मेरे कर्म में हाथ बथाओं !
पर याद रखना मेरे पास मत आना ,
बहुत गरमी है मुझमे , सच भूल न जाना !
पास आकार तुम्हे , मेरे साथ जलना होगा ,
या तो बहुत शीतल या फिर मिटना होगा !
continue ............